लापरवै यूनिवर्सिटी की अर मार पढ़दरो फर
उत्तरांचल यूनिवर्सिटी प्रेमनगर देहरादूण मा जु ह्वे वा सभ्य समाज अर लोकतांत्रिक व्यवस्था वास्ता बौत चिंताजनक च। उत्तरांचल यूनिवर्सिटी एक कार्यक्रम उर्यूं छायीं। कार्यक्रमा वास्ता पुलिस प्रशासन की मंजूरि नीं मिलणक बाद विश्वविद्यालयन कार्यक्रम नीं उर्यौंणा कु फैसला कायी। कार्यक्रम रद्द हूंणा या खबर पढ़दरौ तैं बग्त पर नी मिलि अर यु यूनिवर्सिटी मा जमा ह्वेग्येन।
विश्वविद्यालय पौंछणा बाद जनि कार्यक्रमा रद्द हूंण खबर पढ़दरौ तैं मिलि व नराज ह्वेग्यीन। अर सड़क फर जाम लगण बटिग्ये। पुलिसन पढ़दरु तैं समझै अर जाम ख्वलण कु कोसिस कायी। जैका बाद पुलिस अर पढ़दरो का बीच तकरार ह्वेग्यायी। अर पुलिसन पढ़दरो फर लांठु चलौंण सुरू कै द्यायी।
या घटना पुलिस प्रशासन कु काम करिण तरीका फर सवाल खड़ा करणि च।
हाँ या बात सै च की जाम हटौंणु पुलिसा जिम्मेबरि च, या सं क्वीं मना नी कै सकदु। पर क्य लांठु चलौंण अलावा पुलिसम जाम ख्वलणा कु क्वीं हौरि तरीका नीं छायीं। यीं पढ़दरा क्वीं बदमाश नीं छायीं, अर ना क्वीं उपद्रवी छायीं। वे सबि अपणि यूनिवर्सिटी से नराज छायीं। पढ़दरो फर लांठु चलौंणा से न सिफर ऊंका शरैल फर हि चोट नीं लगि बल ऊंका दिमागम ‘पुलिस मित्र’ फर बिटि विस्वास बि टूटिग्ये।
यीं घटना म सबसे पैलु दोषि कॉलेज प्रशासन च। जै न उर्यूं कार्यक्रम तैं नीं करणा कु फैसला बौत देर से ल्यायी अर या खबर पढ़दरो तैं बग्त पर नी द्यायी। अगर कार्यक्रम रद्द ह्वेग्ये छायीं अर खबर पढ़दरो तैं पैलि मिलि जान्दि त वु यूनिवर्सिटी मा जमा नीं हूंदा अर इन्नि स्थिति पैदा नी हूंदि।
साफ च की विश्वविद्यालय की या बौत बड़ी प्रशासनिक लापरवै च।
ऐ मामला दोष कै एक तरफा बटि नीं च। जख विश्वविद्यालय प्रशासनन खबर देंणम देरी कायी। यांका वास्ता विश्वविद्यालय कु सूचना प्रबंधन दोषी च।
त दूसर तरफा पुलिसा वु कर्मचारी अर अप्सरु की बि जांच हूंण चैंद, जौन ऐ मामला तैं स्थिति शांतिपूर्ण ढंग से नी सम्भालि अर लाठि चलौंणा कु फैसला कायी।
या घटना हमतैं या स्वचण खुणि मजबूर करणि च की शिक्षा का मंदिरम जब सवंाद की जगा लांठि चललि, त या हमर समाजै बड़ी कमी (विफलता) च। पढ़दरा देस कु भवेष्य छन, क्वीं दुसमन नीं छन। या बात पुलिस प्रशासन तैं बि समझण प्वाड़लु की अगर कानून कु पालन करौंण वला हि कानून तोड़िकि लांठु चलौंणा कु काम कराला, निसाब उमेद कै से करे जाली।
यीं घटना का वीडिया वायरल हूंणा बाद एसएसपी प्रमेंद सिंह डोभालन विभागीय जांच आदेश दे दींन अर द्वि पुलिस वलों तैं लैन हाजिर कै द्यायी।
ऐ मामला मा निष्पक्ष जांच हूंण चैंद अर जु बि दोषी छन वु फर कारवै हूंण चैंद, जै से भवेष्यम कै बि शिक्षण संस्थान मा दुबरस इन्न घटना नीं हूंण चैंद अर पढ़दरो कु भरोसु बि व्यवस्था पर बण्यूं रयां।
