उत्तराखण्ड की प्रकृति, लोगु की भावना, अर प्रदेस कु विकास तिन्या खास छन: धामी

मुख्यमंत्री धामिन ऋषिकेश फोर लेन परियोजना मा पर्यावरण पिरेमी अर लोगुकि चिता अर सुझौ कु संज्ञान ल्यायी। अर फैसला कायी की जब तक सबि लोगु की सहमति नीं ह्वे जाली तब तक डाळा नी कटे जाला।

मुख्यमंत्री न प्रमुख सचिव अर संबंधित अप्सरु तैं निर्देश दींन अर बोलिकि सबि हतिधारक, जनप्रतिनिधि अर जणगुरों का दगड़ि बात करे ज्यां।

मुख्यमंत्रिन बोलिकि या परियोजना भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की परियोजना। जै फर माननीय उच्च न्यायालय का निर्देश अर सबि मानकु तैं पालन कैकि काम हूंणि छायीं।

मुख्यमंत्रिन बोलिकि वन्य जीव तैं बचौंणा का वास्ता 3.5 किलोमीटर लंबु हाथी अंडरपास अर छ्वटा जानवरू का वास्ता कल्वर्ट जन्नि व्यवस्था करेग्ये छायीं।

मुख्यमंत्रिन बोलिकि विकास हमर वास्ता बौत जरूरी च, पर लोगु की भावना, पर्यावरण अर लोगु तैं बिना पूछिकि क्वीं बि फैसला नीं लिए जालु। इल्लै उन्न प्रमुख सचिव अर संबंधित अधिकारियों तैं सभी पक्षौं दगड़ि संवाद करणा का बारम बोलि।
उन्न बोलिकि माननीय उच्च न्यायाल क निर्देश अर फैसला कु सम्मान कैकि अगनै की कारवै करे जाली। यांका वास्ता सबि लोगु दगड़ि सहमति अर जब तक विस्वास कु वातावरण नी बणि जांदु , जब तक यीं परियोजना मा औंण वला डाळा नी कटे जाला।

मुख्यमंत्रिन धामिन बोलि कि ऊंका वास्ता उत्तराखण्ड की प्रकृति, लोगु की भावना, अर प्रदेस कु विकास तिन्या खास छन। हमरि सरकार संवाद, सहमति अर जनहित क् अधार पर अगनै बढ़णा कु काम कारली।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *