पुळ बणि पर भरोसु धँसी ग्ये
सरकार विकासा नौं फर जनता का खून पसिनै की कमैं का करोड़ो रुप्या खरच करणि च। पर जब उद्घाटन का एक मैना भितर पुळ तैं ज्वड़ण वळि सड़क (एप्रोच रोड़) भ्वां मा धंसी जांद त, सवाल सिरफ एक सड़क टूटणा कु नीं च, तब सवाल पूरि व्यवस्था फर च।
अब विभाग यु बोलिकि अपड़ि पूँछणि छुड़ौंणै कोसिस करणु च कि पुळ त ठीक च, सिरफ पुळ तैं ज्वड़ण वळि एप्रोच रोेड़ भ्वा मा धंसी ग्ये।
अब सवाल यौं च जब पुळ तैं ज्वड़ण वळि सड़क हि भ्वां मा धंसी जाली, त पुळ के कामा कु च? पुळ बणांदा पुळ कु नक्शा, पुळ तैं ज्वड़ण वळि रोड, सुरक्षा दीवार, बि उतगै खास हूंदन जतगा की पुळ।
उद्घाटन कु 30 दिना भितर कैबि पुळ तैं ज्वड़ण वळि रोड धंसी जांद त या बात साफ च या बौत बड़ी गलती च, पुळ बणौंण मा विभागा से कखि न कखि क्वीं कमी रै ग्यायी। पुळ तैं ज्वड़ण वळि रोड धंसणा कु मतबल, पुळ बणौंण मा बि खराब ह्वे इन्नि सानी बि करणु च।
सवाल च कि क्य पुळ बणौंण से पैलि सौंग गदना मा पाणि (जलप्रवाह) कतगा आंद, बस्गाल कतगा कटान हूंद अर माटा की तागत (वहन क्षमता) की जांच, सुरक्षा का काम जन्नि की बोल्डर पिचिंग का मानक पूरा करे ग्येन?।
अगर यीं सबि मानक पूरा छायीं त फेर पैलि बरखा मा हि या एप्रोज रोड़ धंसी कनि कै च? अगर यीं सबि काम पूरा नी छायीं त लोक निर्माण विभागन असुरक्षित पुळ लोगु का वास्ता किलै खोळि?
अब सवाल यौं च कि सिरफ जांच समिति बैठ्ये की फैल तैं दबौंण की काम बंद हूंण चैंद। पुळ बणाण वळि एजेंसी/ ठक्कदार तैं ब्लैकलिस्ट कैकि, जनता की जान-माल अर एक-एक पैंसौं कु हिसाब पुळ तक पौंछण वलि रोड़ कु सर्या खरचा ठक्कदार से बसूल हूंण चैंद।
अर हां विभागीय अधिकारी अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता अर कनिष्ठ अभियंता पर सिरफ जांच हि ना बल अपराधिक लापरवै साबित हूंण फर जिम्मेदार अधिकारियों फर बि कानून कारवै हूंण चैंद।
किलैकि पुळ सिर सीमेंट गारौं, लुवा (लोहा) कु ढांचा नीं च, पुळ लोगु की जीवन रेखा च । 16 करोड़ रुप्या खरच कैकि एक मैना मा हि सड़क बोगी (बह) जांद, त या का वास्ता हमरि व्यवस्था दोषी च। अब अगर ऐ मामला मा जु बि दोषी छन ऊ फर कड़ी कारवै नीं होलि त इन्न पुळ बणणा राला अर यांकु नुकसान जनता भुगतणि हि राली।
प्रेमनगर मा पुळ तैं ज्वड़ण वळि सड़क कु टुटण बौत चिंतै बात च। बस वे भगवानै किरपा ह्वे की क्वीं नुकसान नीं ह्वे। अगर क्वीं जनहानि ह्वे जांदि त यांका वास्ता प्रशासनिक, तकनीकी अर विभागा अप्सर सीधा जिम्मेदार हूंदा।
विकास कु मतबल सिरफ उद्धाटन नीं, बल सालु तक सुरक्षित अर भरोसै सेवा देंण च। यख 16 करोड़ रुप्यौं कु पुळ तैं ज्वड़ण वलि रोड कु एक मैना भितर भ्वां मा धंसणु कु सवाल नीं च, बल या सर्या व्यवस्था की जवाबदेही कु सवाल च, वीं जनता कु भरोसु कु सवाल च ज्वा साल भर बिट पुळ बणाणा कु इंतजार करणि छायीं। अब ऐ मामला मा अब सरकार तैं चैंद की जु बि दोषी छन उ फर निष्पक्ष अर कड़ी कारवै हूंण चैंद, जै से जनता का पैंसौं अर जिन्दगि दगड़ि खिलवाड़ करणा की कबि बि कैकि दुबरा हिकमत नीं ह्वे सक्यां।
