चौंदकोट जनशक्ति मार्ग : जन भागीदारी. तागत, त्याग अर एकजुटता की मिसाल
चौंदकोट जनशक्ति मार्ग गढ़वाल का इतिहास मा एक जन भागीदारी, त्याग, अर एक जुटता की मिसाल च।
सतपुली बटि 3 किलोमीटर, अगनै पौड़ी राष्ट्रीय राजमार्ग जमरिया बैंड बटि जणदा देवी तक सड़क लोगुन अपणि मेनतन बणै।
कोटद्वार-सतपुली पौड़ी कु मोटर मार्ग बणण बाद, चौंदकोट क लोगुन बि अपड़ा तोकम मोटर पौंछाण की उमेद ह्वे।
यांकी सुरुवात ईड़ा गौं का रैवासी दर्शन सिंह नेगी कायी। ऊंकी यीं कोसिस रंग ल्यायी अर फर 12 फरवरी 1951 मा सतपुली बटि जणदा देवी तक सड़क बणौंणा वास्ता उन्न एक समिति बणै। समिति कु नौं चौंदकोट जनशक्ति मार्ग समिति धरे ग्यायी। या एक छ्वटि कोसिस छायीं पर बड़ी लपाक छायीं,अगनै बढ़णा वास्ता एक जन आंदोलना सुरुवात ह्वेग्ये।
15 अप्रैल 1951 इगासर कौथिग मा एक बैठक उर्यें ग्यायीं। बैठक मा रिंगवाडी गौं का हरेंद्र सिंह रावत तैं अध्यक्ष बण्यें ग्यायी।
11 नवम्बर 1951 बैकुण्ठ चतुर्दशी खुणि जमरिया बैंड बटि सड़क बणौंण कु काम सुरु ह्वे। मंतर पढ़े ग्यींन, भेली फ्वडे़ ग्यायी। जय एकेश्वर, जय महादेव, जय भूम्याल देवता का जयकारा लगिन।
कुटळा, गैंती, फाळु, सब्बळु अर खाण खुणि नाज लेकैकि लोग अपड़ा घार बटि सड़क बणौंण खुणि निकलि ग्येन। अर द्यखता-द्यखता सबि लोग ऐ अभियान मा मिसे ग्यीन।
मलेठी, धौड़ा, डंडा बंठोली, नौगाँव, ईड़ा, गोर्ली गौं बिटि सड़क इगासर जना बढ़ण लगिग्ये। पर चौंदकोट कु एक हिस्सा यी सड़क से नीं जुड़ि। यांका बाद लोगुन फैसला ल्यायी कि कठमंडलिया पुळ बटि संतूधार-रिंगवाड़ी-जणदादेवी- नौगांवखाल जणदा देवी तक 20 किलोमीटर सड़क बण्यें जाली। यांका वास्ता समितिन यांकी गजेरा गौं का चंद्र सिंह रावत तैं जिम्मेबरि द्यायी। अर द्यख्दा-द्यख्दा ढै (ढाई) साल मेनता बाद या सड़क जणदा देवी तक पौंछि ग्यायी।
त दुबर तरफा इगासर बिटि सड़क बणौंणा जिम्मेबरि सुबदार साब रतन सिंह न सम्भाली। सर्या क्षेत्रा रैवासियों की मेनत रंग ल्यायी अर साल 1957 मा सतपुली जमरिया बैंड बटि 33 किलोमीटर सड़क जणदा देवी तक पौंछि ग्यायी।
आज सतपुलि बटि इगासर ह्वेकैकि चौबट्टाखाल जाण वलु जनशक्ति मार्ग लोगु का वास्ता आज सिरफ एक सड़क कु बाटु च। पर चौंदकोट जनशक्ति मोटर मार्ग माटु अर गारौं कु बाटु नीं च बल या सड़क हमर समाजै एकता, तागत, त्याग अर एकजुटता की बौत बड़ी मिसाल भि च।
