सबर खोणू बचपन , खतरम भोळ

उत्तरप्रदेसा गाजियाबाद खोड़ा मा 17 साला एक नौना सूर्या प्रताप कु कतलन सर्या समाज तैं झटोळ दे। एक छ्वटि से छेड़ि इतगा जादा अगनै बढ़िग्ये की एक नौना कु कतल ह्वेग्ये।

ये मामला दोषी असद अर वैका दगड़यां फर कतल कु आरोप च। या घटना सिरफ एक कुटुम्दरि फर बिजोग हि ना बल हमर समाजै समणि बडु खतरा च।
सवाल यों च कि आखिर इन्नि घटना किलै हूणि छन, छ्वटि-छ्वटि छ्वीं बत्थौं फर ज्वान हत्थ मा चक्कु लेकैकि आणा छन?

इन्न मा सवाल खड़ा हूंण छन कि क्या आज समाज म बरदास अर सबर (धैर्य) कम प्वड़दा जाणु च।

जब ज्वान नौना यु समझण बटि जाला की झगड़ा कु समाधान सिरफ हिंसा च तब या सिरफ वैकी हि ना बल हमर समाजै बि हार च। इन्न मा हमतैं कुटुम्बरि, इस्कुल अर समाज मा बच्चौं तैं नैतिक शिक्षा, अर कानून कु सम्मान सिखै की हौरि मजबूत बणौंण प्वाड़लु।
किलैकि शिक्षा सिरफ इमत्यान पास करणा कु जरिया हि नीं हूंण चैंद, शिक्षा बल एक अच्छु मनखि बणौंणा कु बि साधन च।
ऐ मामला मा जु बि दोषी छन, अर जांच मा या बा सै साबिज हूंद की यु कतल करणा वास्ता जौन बि भडकौणा कु काम कायी या फेरि मदत कायी, वु सबि ये जुरम का दोषी छन।
यखम हमर समाज से बि स्वचण प्वाड़लु। जब नौन्यालु अर ज्वानु म लड़ै की पवांण (प्रवृत्ति) बढ़लि, जब सोशल मीडिया मा नफरत तैं बढ़ावा दिये जालु, जब छ्वटि म्वटि छ्वीं फर हूंण वलि छेड़ि की खुब तरिफ करे जाली, तब समाज तैं इनि दसा तैं रवक्णा वास्ता हौरि जादा टकटुकु (सक्रिय) हूंण प्वाड़लु।

सूर्य प्रताप कु दोषियों तैं सजा मिलि ग्यायी। पुलिसन असद कु एनकाउंटर कै द्यायी। पर क्य दोषियों तैं सजा देंण हि बौत च। निसाब सिरफ दोषी तैं दंड देंण तक हि नी हूंण चैंद, बल हमतैं समाज मा इन्न वातावरण बि बणौंण प्वाड़लु , जख कैबि कुटुम्दरि तैं अपणु ज्वान नौना कु दुख नीं सैण प्वड़यां।

सूर्याप्रताप कु कतल हमतैं स्वचणा खुणि मजबूर करणु च कि एक जरा सी छेड़ि एक ज्वान नौना की जान बि ले सकदु, त हम समाज तैं कै दिसा मा लिजाणा छौ। एक सभ्य समाजै पछ्याण वैकि तागत से नी हूंद बल सभ्य समाजै पछ्याण त वैकु सबर, संस्कार अर न्याय से हूंद।

अब हम यीं घटना से कुछ नीं सिखद त, या सिरफ एक कतल ना बल हमर सामाजिक मूल्यों की हार बि मन्यें जाली।

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