हरचदा जाणि मनख्यात

थैलीसैंण ब्लॉक पौड़ी गढ़वाल कु मरोड़ गौं मा ज्वा घटना ह्वे, वा सिरफ एक मनिख की ना, एक गौं की ना बल हमर समाजै सोच, हमरा संस्कार अर बरतौ कु फर सवाल खड़ा करणि च। या घटना हमतैं स्वचणा खुणि मजबूर करणि च कि आज हम समाज तैं कै दिसा मा लिजाणा छौ।

सोशल मीडिया मा एक वीडियो खुब धूमणु च। वीडियो मा एक गौं की प्रधान च, जै की गौं का हि एक बुड्या दगड़ि खुब जिरह (नोकझोंक) हूंणि च।

गौं की प्रधान न यांकु वीडिया बणे अर सोशल मीडिया मा डालि दे। जै से सच क्या च या बात सबि गौं वलों तैं पता चलि ज्यां। यांका बाद वींन यीं घटना कु वीडियो सोशल मीडिया मा डालि दे। जैका बाद यु मामलु दूर-दराज तक फैलि ग्यायी।

यांका बाद गौं क् प्रधानन थलीसैंण पुलिस मा सिकैत कायी। पुलिसन द्वियौं तैं थाणा मा बुलै। अर थाणा मा बुड्यां से माफी मंगणा खुणि ब्वले ग्यायी। यख तक तक सब ठीक छायीं पर ज्वा यांका बाद ह्वे यु लोगु तैं झंजोड़णि च।

सवाल यांका बाद खड़ा हूंणा छन। एक 24 साल प्रधान नौनिन एक सत्तर साल कु बुड्यां तैं पुलिस चौकी मा बुलै की अपड़ा खुट्टा छुवैकि माफी मंगै अर यांका बाद यु वीडियो बणै अर सोशल मीडिया मा डालि दे। यु वीडियो सोशल मीडिया मा डलणु संवेदनशील समाज वास्ता बौत चिंतै बात च।

हाँ या बात सै च की बुड्यां से बौत बड़ी गलति ह्वे छायीं, बुड्यां तैं माफी मंगणा खुणि बलणु सै च। गलती करण वलु छ्वटु हूयां या बडु़, ज्वान हूंया या फेरि बुड्यां, अगर वैं से क्वीं गलती ह्वे त वैंथ या बात मनणि चैंद। पर यख सखम सवाल यौं च कि क्य कै बुड्यां तैं अपड़ा खुट्टा छुवैकि माफी मंगौंणु सै च? क्य कैकि अपमान करण सै च? अर वु बि कै बुड्या कु? क्य माफी सिरफ खुट्टा छुवैकि पूरि ह्वे सकद? क्य बातचीत कैकि समझदारी से एक मामला तैं सुलझे नी जै सकदु छायीं?

हमरि संस्कृतिम बुड्यां कु सम्मान सिरफ उमर देखिकि नीं करे जांदु बल वुथै ऊंका अनुभव, परंपरा अर कुटुम्बरि कु अधार मन्यें जांद। इल्लै एक बुड्यां मनखि तैं सब्यों क समणि झुकौंणा की ज्वा तस्वीर समणि ऐ व समाज तैं भितर झक्वलणि च।

साफ च की अपणु बुबा की उमर कु बुड्यां मनखि से पुलिसा समणि अपड़ा खुट्टौं तैं छुवैकि माफी मंगौंणु कखि न कखि अपणि तागत तैं दिखौंणु च। यीं घटना मा सबसे जादा झुरौण (दुःख) वलि बात या च कि यीं घटना तैं सोशल मीडिया मा डालिकि उन्न दिखौंणु कि कोसिस करे ग्यायी की हमन क्वीं बौत बडु काम कै द्यायी।

आज सोशल मीडिया मा लोगु तैं संवेदशीलता से जादा दिखौंणा की तरफा ली ग्यायी। कुछ बि हूंया बस सोशल मीडिया मा डलणा की सकासरि मा इन्न बि नी स्वचणा छन कि यांकु नतीजु क्य होलु। यीं सोच मा कैकु मान बि पिछने छूटदा जाणु च।

कैकि गलती तैं सुधरणू अगल बात च, पर कैकु मान सम्मान तैं त्वडु, समाज तैं हौरि जादा कटकुटु बणौंद।

एक जनप्रतिनिधि कु पद सिरफ अधिकार हि नीं देंदू, बल संयम विनम्रता, अर जिम्मेबरि भी दिंद। गौं कु प्रधान गौं कु मुखिया हूंद, इल्लै वे से उमेद करे जांद कि गौं की क्वीं बि समस्या तैं सुलझयां अर इन्नु क्वीं काम नीं कर्यां की जैसे समाज मा दुसमनै अर कैकु अपमान नीं हूंण चैंद।

या घटना हमतैं स्वचणा खुणि मजबूर करणि च कि क्य हम सच मा संस्कार वला समाजै तरफां बढ़णा छा या सिरफ सोशल मीडिया की धका-धमू मा डुबदा जाणा छा।

माफी मंगौंणु क्वीं गलत नीं च, फर माफी कु तरीका बि उतगै जरुरी च। किलैकि अगर निसाब कैकि मान तैं लुच्छण कु काम कारलु, त समाज मा समाधान कम अर खटयाँण जादा ह्वे जाली।

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