गौ माता तैं बचौंणा सिरफ हमरि परंपरा ही नी च, बल हमरि जिम्मेबरि, धर्म भी च: मुख्यमंत्री धामी
मुख्यमंत्री धामिन आज हल्दीघेरा, खटीमा मा 7.23 करोड़ रुप्यौं से बणि गौशाला कु लोकार्पण कायी।
ऐ मौका फर उन्न 108 करोड़ रुप्यौं की 15 विकास योजनौं का शिलान्यास बि कायी।
मुख्यमंत्रिन हल्दीघेरा छानि (गौशाला) कु जरूरता हिसाब से विस्तार करणा घोषणा बि कायी अर बोलिकि या से जादा से जादा बेसारा गोवंश तैं आश्रय मिलिलु। मुख्यमंत्रिन बोलिकि या गुठय्यार बेसारा गोरू तैं बचौंण वास्ता हमरि एक पलाक च।

मुख्मंत्रिन बोलिकि भारतीय संस्कृति मा गौ तैं माँ कु दर्जा दिए ग्यायी। गौ माता तैं बचौंणा सिरफ हमरि परंपरा ही नी च, बल हमरि जिम्मेबरि, धर्म भी च। देवभूमि उत्तराखण्ड सदनि गौ संरक्षण गौ सेवा की परंपरा वळि भूमि रायी।
प्रदेस सरकार बेसारा गौरु तैं बचौंणा का वास्ता खळाखळ काम करणि च। मुख्यमंत्रिन बोलिकि प्रदेस मा गौ सदन का जरिया 16 हजार से जादा बेसारा गौरु तैं ठौर (आश्रय) दिए जाणु च। ग्राम्य गौ सेवक योजना तैं बि प्रदेस पायटल प्रोजेक्ट तरौं सुरु करे जाणु च।
शहरी विकास अर पंचायती राज विभाग की मतदत से प्रदेसम 63 जगों मा गौशाला बणौंणा वास्ता जमीन खोजी याली।
मुख्यमंत्रिन बोलि कि गौ संरक्षण का दगड़ा-दगड़ि गौरु तैं गौं वलों की अर्थव्यवस्था दगड़ि ज्वड़णा की कोसिस बि हूणि च।
मुख्यमंत्रिन बोलिकि प्रदेस सरकार विकास अर जनकल्याण का दगड़ि अपणि सांस्कृतिक विरासत अर परंपरौं तैं बचौंणा वास्ता बचनबद्ध च।
