योग एक मनखि तैं दूसर मनिख से , एक देस तैं दूसर देसा दगड़ि ज्वडणा कु काम करदू: महामहिम राष्ट्रपति

महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू न देरादूणम ग्यारौं अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस कु शुभारम्भ कायी अर योग तैं भारत की चेतना अर विरासत कु केंद्र अर भारत की सॉफ्ट कु कटुकुटु उदाहरण बतै। महामहिम राष्ट्रपति न बोलि कि योग एक मनखि तैं दूसर मनिख से , एक समुदाय तैं दूसर समुदाय से अर एक देस तैं दूसर देस दगड़ि ज्वडणा कु काम करदू।
सर्या दुन्या का लोग यांकु फैदा लिन्दन।

ऐ मौका पर राज्यपाल जनरल गुरमीत सिंह न प्रदेसा रैवासियों तैं योग दिवसा बधै द्यायी अर बोलि कि योग भारत देसा पूरणि सांस्कृतिक अर आध्यात्मिक परम्परा कु भाग च, जै न सर्या दुन्या तैं ज्वड़णा कु काम कायी।

राज्यपाल न बोलि योग केवल शैरला कसरत हि नीं च, बल यु शरैल, ज्यूं अर आत्मा तैं संतुलित करणा की प्रक्रिया च।

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