महिला विश्व कप क्रिकेट : देसा नौनियों की ऐतिहासिक जीत
भारतीय देसा महिला क्रिकेट टीमन विश्व कप जीतिकि इतिहास बणै दे। भारतीय महिला क्रिकेट टीमन हरमनप्रीत कौर की कप्तनिम इतिहास बणै दे। मुंबई मा फैनल मैच मा भारतन दक्षिण अफ्रीका तैं 54 रनों से हरै की पैलिदा महिला क्रिकेट विश्व कप जीत याली।
या जीत एक ऐतिहासिक जीत च। यीं जीतन बावन साल की जग्वाल खतम ह्वेग्ये। भारतन या से पैलि साल 2005 अर 2017म फैनलम पौंछि छायीं पर जीति नी साकी। भारत सात बारा विश्व चैंपियन टीम ऑस्ट्रेलिया तैं हरै कि फैनल मा पौंछि अर फैनल मा उन्न दक्षिण अफ्रीका टीम तैं हरै कि विश्व कप पर कब्जा कायी। भारतीय महिला क्रिकेट टीम यीं जीत से सर्या देसम खुसी खुस च।
या जीत केवल एक एक जीत हि नीं च, बल या जीत करोड़ो स्वींणों की बि जीत च, जौ स्वींणा तैं भारतीय नौनि अपणा कांधौं फर धर्यूं छायीं। या जीत बतौंणि च कि मेनत, समर्पण अर संकल्प से क्वीं बि लक्ष्य हासिल करे जै सकदु।
कुछ सालु तकत महिला क्रिकेट की चमक नौनौं कु क्रिकेटक ताल दब्यूं छायीं। यांका बाद बि जन्न भारतीय नौनियों न अपणु खेल तैं अगनै बढ़ै उन्न विश्व कप जितणा दगड़ि उन्न लोगु तैं बि चुनौती द्यायी, ज्वां ब्यूटलौं तैं खेलम कम समझदि छायीं।
महिला क्रिकेट जीत से या बात साफ च कि प्रतिभा तैं मौका मिललु त नतीजा जीत बि ह्वे सकद। टीम इण्डिया की या जीत एक खिल्वार जीत ना बल या जीत सर्या टीमा जीत च, या जीत भावना, धैर्य, रणनीति की जीत च।
ब्यटुला खिल्वारु फॉर्म अर आत्मविस्वास न सर्या टूर्नामेंटम विरोधियों खिल्वारु पर अपणु दबाव बणै। फैनल मैच यु बतान्द कि भारतीय महिला क्रिकेट टीम न सिरफ कौशलम बल या मानसिक मजबूती मा बि सर्या दुन्या की सबसे अच्छी टीम च। या जीत आणा वलि पीढ़ी तैं प्रेरित कारली।
अब गौं-गौं की नौनियों बि बल्ला उठै कि स्वींणा द्याखलि अर दुन्या मा देस कु नौं रोशन कारली।
अब सरकारै अर खेल संस्थाओं की जिम्मेबरि अर मौका बि च महिला खेल संरचना तैं और कटकुटु बण्यें ज्यां। ऊंतै प्रशिक्षण, जादा मैच, पैंसौं की मदत अर खेल कु प्रचार-प्रसार से महिला क्रिकेट तैं हौरि मत्थी लिजाणा वास्ता मिसे जाण चैंद। विश्व कप जितणु सिरफ खिल्वारु कु हि ना बल सर्या देसा सम्मान च। या जीत भारत नौनियों कु आत्मविश्वास जीत च।
