एलपीजी विपदा :अंतरराष्ट्रीय कम देसा भितरै कमजोरी जादा च

एलपीजी गैस आज हरेक कुटुम्दरि की जरुरत बणिग्ये। रस्वै मा लखुड़ौं कु धुंवा मा खाणु पकौंणु अब खतम ह्वेग्य, आज हरेक घौर मा खाणु गैस मा हि बणदु। जरा बि एलपीजी गैसा दिक्कत ह्वे त यांकु सीधु असर हमरा रस्वै पर हि पडदु।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जब बि एलपीजी गैसा कमी या कीमतम क्वीं बि बदलौ ह्वे त यांकु सीधु असर हम पर पड़दु। पर अबि इन्नु संकट नीं च अबि त देसम गैस जु संकट च वु अमरिका अर ईराना बीच लड़ैक कारण तेल गैस आपूर्ति मार्ग बंद हूंण से च। यखि बिटि भारत तैं तेल अर एलपीजी गैस सपलै बंद हूंण से देसम एलपीजी गैसा दिक्कत ह्वेग्ये। गैसा कीमत बढ़ण अर बगत फर गैस नी मिलणि से लोग परेशान छन। एलपीजी गैसा दिक्कत सिरफ एक आर्थिक दिक्कत नीं च बल या एक प्रशासनिक चुनौती भी बणणि च।

हमर देसम एलपीजी गैसा मांग बौत तेजी से बढ़ि। खास कैकि गौं मा बि अब लोग एलपीजी गैस मा हि खाणु बणौंदन। यांका बाद आज बि देसम आपूर्ति कु बन्दबस्त मजबूत नीं ह्वे। आज लोगुकि सिकैत च कि सिलंडर बुक हि नी हूंण छन अर गैस बुक हूंणि च गैस खुणि लम्बी लैन लगणि च। कखि गैस वला अपणि मन-मरजी से गैस बटणा छन त कखि गैस तैं बिलैक करणा छन यीं कारण च देसम आज गैस की बिपति हौरि जादा ह्वेग्ये।

अर या से बि बडु कारण च कि आज बि हमर देस एलपीजी गैस खुणि आयात फर जादा भरोसु करदु अर आज बि हमर देस जादा से जादा एलपीजी गैस भैरा देस बिटि मंगौंदु। ईं कारण च कि अंतराष्ट्रीय बजार मा गैस कीमत कम जादा हूंदन, गैस नी मिलदि त हमर यख गैसा दिक्कत ह्वे जांद। अर जब गैस उत्पादन आपूर्तिम क्वीं बि कमी ह्वे त यांकु सीधु असर हमर देसा लोगु पर प्वड़दु।

अबि देसम जु एलपीजी कु संकट च वु अंतरराष्ट्रीय कम अर देस भितरै कमी से जादा च। किलैकि आज बि हमर यख गैस बंटण म बौत सर्या कमी छन, जन्नि की भंडारणै कमी, एजेंसी क जबावदेही, तंत्र कमजोर च। देसम कालाबाजारी, घार मा जगौंणु वलु सिलेण्डरै कु दुकनि मा उपयोग जनि बौत सर्या दिक्कत छन। जै लोगु तैं दिक्कत पैदा करणि छन।

अब या खुणि सिरफ एक संस्था तैं दोष नी दिए जै सकदू। या का वास्ता सरकार, तेल कम्पनी, गैस बंटण वलि एजेंसी, अर लोग सबि जिम्मेदार छन। जख सरकार तैं गैस भंडारण क्षमता तैं हौरि बढ़ाणै योजना बणौंण प्वाड़लि अर गैस एजेंसी की जवाबदेही तय करण प्वाड़लि। यांका दगड़ि गैस कालाबाजारी अर गैस कु गलत उपयोग तैं बि रोकणू प्वाड़लु। किलैकि एलपीजी सिरफ गैस हि नीं च, बल एलपीजी करोड़ो लोगुक कुटुम्दरि कु स्वास्थ्य, बगत अर जिन्दगि से जुड़णु मामलु च। इल्लै यीं दिक्कत तैं कतै कम नी समझण चैंद। आज हमतैं दरकार च कि सरकार अर गैस एजेंसी यांकु हल झटपट कर्या जैसे आम जनता तैं क्वी दिक्कत नीं हूयां।

सरकार तैं बगत पर क्वीं बड़ा फैसला लिंण चैंदन, नथर एलपीजी गैस कु संकट भवेष्य मा हौरि दिक्कत पैदा कै सकदु। इल्लै जरुरी च गैस बन्दुबस्त मा सुधार आपूर्ति बढ़ाणा कु अर काला बाजारी तैं रोकणा की अबि बिटि कारवै करे जाण चैंद।

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