कांवड़ जातरी छन या फिर . . .?

हर साल सौंणा मैना मा उत्तर भारतम भगवान शिव का भक्त‘ कांवड़ जातरा निकलदन। हरद्वार अर गंगोत्री बटि गंगा जल लेकैकि कांवड़िया पैदल अपणा घौंर तक जातरा करदन। या बौत पूरणि परम्परा आस्था से जुड़ि च। पर कुछ सालु बिटि पवेत्र धार्मिक जातरम विवाद अर अराजकता कु महौल बढ़दै जाणु च। कांवड़ जातरा सुरु हूंण से पैलि हि कांवड़िया जगा जगा झगड़ा, मार पिटै की खबर समणि आणि छन। छ्वटि-छ्वटि बातु पर कांवड़िया अपणा बौंळा बिटौंणा छन। अर सबसे जादा घटना दिल्ली देरादूण रोड अर हरद्वारम समणि आणि छन। अबि ब्याळी हरद्वारम हरकी पैड़ी म एक कांविड़ कु एक दुकनिम झगड़ा ह्वे, कांवड़ियों सर्या दुकान तोड़ि द्यायी। अबि कुछ दिन पैलि रुड़कीम कांवड़ियों न खुब घपरोळ कायी। जैमा उन्न एक स्कॉर्पियों कार तैं तोड़ि द्यायी। कांवड़ियों कु आरोप छायीं कि स्कॉर्पियों डैबरन ऊंकी कांवड़ तैं खंडित कै द्यायी त मेरठम एक इस्कुल बस कांवड़ियांें तोड़ि दे, बसम छ्वटा-छ्वटा बच्चा छायीं। गाजियाबादम एक कार तैं तोड़ि दे।
हरद्वार बाहदराबाद टोल प्लाजा कांवड़ियोंन खुब तोड़-फोड़ कायी। रुद्रप्रयागम होटल मालिक मुण्ड कांवड़ियों फोडे़ दे। यांका अलावा कांवड़ियों पटरी छोड़िकि सड़क पर जाणा जिद कायी अर पुलिस दगड़ि घपरोळ कायी। इतगै हि ना राष्ट्रीय राजमार्ग अर मेरठ अर मुज्फ्फरनगर म इस्कुल एक हप्ता खुणि बन्द छन।

इन्न मा इन्न सवाल खड़ा हूंणा छन कि यीं शिव भक्त छीन की असमाजिक लोग जु कांवड़ जातरा तैं दंगा अर डौर फैलाणा कु काम करणा छन? जख कांवड़ जातरा शांत, अनुशासित अर साधना से जुड़ि जातरा छायीं,वखि अब कुछ सालु बटि कांवड़ जातरा खुब लड़ै, घपरोळ अर तागत दिखौंणा जातरा ह्वेग्ये। तेज आवाज डीजे, गाड़ियों पर भगवा झण्डा, बिना हेलमेट कांवड़िया सड़कियों पर जाम, पुलिस दगड़ि झगड़ा, दुकादारु दगड़ि मार पिटै लोगु कु मुण्डरु ह्वेग्ये।
इन्न मा सवाल यौं च कि यु धर्म कु प्रचार च या अपमान? कांवड़ियों की इगता तागत अर हिकमत कन कै कि ह्वे। आस्था कु नौं फर घपरोळ किलै?

‘कावड़ लेने मत जाना, तुम ज्ञान का दीप जलाना’ कविता बच्चों तैं सुणौं वला मास्टर फर एफआईआर अर कांवड़ियों तैं घपरोळ करणा छुट, कांवड़ियों की हिकमत तैं हौरि बढ़ौंणि च।

अब हमतैं या बात बि समझणि प्वाड़लि कि भगवान शिव गंगा जल चढ़ौंण से खुस नीं हूंदा, गंगा जल त भगवानै लटुळा मा च। भगवान त शांति, समता, संयम अर साधना क प्रतीक छन अर जु कांवड़िया अप्फु तैं शिवभक्त बतौंणा छन ऊंतै पैलि भगवान जन्नु संयम अर साधना कु आचरण अपणौंणु प्वाड़लु। तथर यु सवाल त हूंणू हि राळु कि ये ‘कांवड़ जातरी छन या फिर …..?

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