इंडिगो कि हड़ताल : एयरलाइन की साख पर बट्टा च
देसम आज हरेक दिन 4 हजार से जादा ह्वे जाज चलणा छन। यामा खास बात या च कि यु मा अद्धा से जादा एक हि कम्पनी इंडिगो चलौंणि च।
डीजीसीए का 2023 सा आंकड़ा बतौंणा छन कि ह्वे सेवा पर इंडिगो कु कब्जा 65 प्रतिशत च। यांकु मतलब 100 जातरी बिटि 65 जातरी इंडिगो मा हि जातरा करदन। सैद कैबि क्षेत्रम इन्नि स्थिति नीं होलि जख सर्या बजारम एक हि कम्पनी कु राज होलु।
इडिगो का कर्मचारियों क हड़ताल बाद एक बार फिर सवाल खड़ा हूंणा छन। इंडिगो की या हड़ताल न मसीन कु खराब हूंण कारण ह्वे, ना क्वीं तकनीकी खराबिक कारण अर ना क्वीं मौसम खराब हूंणा कारण ह्वे। यीं दिक्कत कु कारण छायीं सरकार अर एयरलाइन प्रबंधन कु आंखा बुजिकि स्यूं रैंणु।
हड़ताल कर्मचारियों न अपिण मांग पूरि करणा खुणि कायी। जै न सर्या देसा नींद उड़िग्यें अर यांकु सबसे जादा असर वु जातरियों पर प्वोडि जौंकु ये मामलु मा क्वी बि मतलब नीं छायीं। यां से साफ च कि विमानन क्षेत्र मा आपसी तालमेला कमी अर प्रबंधन लापरवै जातरियों तैं दिक्कत पैदा करणि राली।
यां लैड़ त कर्मचारी अर प्रबंधन बीच की च। कर्मचारी कु ब्वनु च कि प्रबंधन जादा कमै करणाा वास्ता कर्मचारियों तैं जादा देर तक काम करणु च। काम कु भारू बौत बढ़िग्ये। यां से कर्मचारी बौत जादा खैरि औंणि च। यांका बाद बि तनखा कम मिलणि च। पायटल, केबिन क्रू अर ग्राउंउ स्टाफ सबि कु ब्वनु च कि ऊतैं कतगै मैनौं बिटि बगत पर तनखा नी मिलणि च। कर्मचारी हौरि सुविधा देंणा की अर नै भर्ति करणा मांग करणा छा पर प्रबंधन आंखा बुझिकि स्यूं रायीं। यां से साफ च कि या हड़ताल क्वीं अचाणचक नीं ह्वे, या हड़ताल कर्मचारियों मांग ने अणसुण्यां करणा कारण ह्वे। यांकु पैलु असर जातरियों पर हि ह्वे।
अब सवाल खड़ा हूंणा छन कि आखिर इन्नु कन्नु कै ह्वे? साफ च कि यामा सरकार, हवाई सेवा नियामक संस्थाएं अर एयरलाइन प्रबंधन तिन्यौं की गलति से ह्वे। कर्मचारियों क शिकैत अर मांग पैलि सुणै जान्दि अर वाकु हल करे जान्दु त या नौबत कतै नीं आन्दि अर एयरलाइन की साख बि खराब नीं हूंदि। ह्वे सेवा या हड़ताल सिरफ कर्मचारी अर प्रबंधन बीच कु विवाद नीं च। यु हमर विमानन क्षेत्रम एक सुधार करण तरफां बि हमतैं चितौंणि च कि कर्मचारी कु सम्मान अर जातरियों की सुरक्षा द्विया बौज जरूरी छन। जब तक सरकार, प्रबंधन अर कर्मचारी तिन्या मिलिकि विस्वास, अर संवाद नी कारला तब तक इन्न दिक्कक समणि आणि हि राली। दुबरा इन्नु ली हूंया या का वास्ता सरकार तैं सिरफ नियम हि ना बल या नियम तैं नी मनण वलों पर कड़ी कारवै बि करण प्वाड़लि अर भवेष्य मा इन्नु नीं हूंया याका वास्ता एयरलाइन तैं बि बड़ा कदम उठौंण प्वाड़ला, सिरफ गलती ह्वेग्ये बोलिकि अपणि जिम्मेबरि से भागी नीं सकदि।
