द्वी कुटुम्दरि, समाज कु भरोसु अर ब्यो जन पवेत्र नाता पर चोट

ज्वाड़ा त मत्थी वलु बणौंदु पर यखि त इन्नि कतै नीं ह्वे। यख त नातु-रिस्ता बणण से पैलि कि रिस्ता खतम करणा कु साजिस सुरु ह्वेग्ये। हाँ जी! राजा अर सोनम कु रिस्ता 1 अक्टूबर खुणि समाज परिचय पुस्तिका कु जरिया से ह्वे। राजा अर सोनमा समाजम हरेक साल रामनवमीक् दिन भंडारा उर्यें जान्द। अर ये मौका पर बिवाण्या नौन्याळु का नौं परिचय पुस्तिका मा लिखे जन्दिन। रामनवमीक् दिन हि परिचय पुस्तिका मा राजा अर सोनम कु नौं बि लिख्यग्ये छायीं। युकी कुटुम्दरिम बिटि पैलि क्वीं बि एक दुसर तैं नीं पछ्यणदु छायीं। सोनमा कुटुम्दरि तैं राजा कु प्रोफाइल पसंद ऐग्ये। द्वियों की रिस्ता बात चलि अर बात बणिग्ये। 11 मई 2025सम सोनम अर राजा रघुवंशी कु ब्यो ह्वे अर बारह दिन बाद तेईस मई खुणि परिचय पुस्तिका क या कहाणि मेघालयम खतम ह्वेग्ये।

राजा रघुवंशी अर सोनम कु ब्योक् बाद द्विया कुटुम्दरि खुब खुस छायीं। सोनम अर राजा रघुवंशी द्विया हनीमून मनौंणा खुणि मेघालय चलिग्येन। बिगरैळु मेघालय अर हनीूमन म इन्नु होलु , क्चीं सोचि बि नीं सकदू छायीं। राजा रघुवंशी कु वैंकी हि कज्यणि न कतल कै दे। यामा बड़ी चिंतै बात या च कि यु द्वियौं कु अबि न्यू-न्यू ब्यो हूंयू छायीं। द्विया हनीमून मनौंणा खुणि ज्यां छायीं, जख यु द्वियौं तैं मिट्ठी-मिट्ठी छंवीं लगौंण छायीं, पर यख त घरवळिन अपणु हि जवैं (पति) कु कतल करे द्यायी।

हनीमून पर सोनम न अपणा जवैं कु कतल हि नी कायी बल कतल तैं दुर्घाटना बणौंण कोसिस कायी। पैलि त इन्न ब्वलें ग्यायीं की या सब एक दुर्घटना च। पर जन्नि पुलिस जांच अगनै बढ़ि अर मोबैल, सीसीटीवी देखिकि सोनमा सबि चाल समणि आण बैठिग्ये।

अब सवाल यों च कि क्य एक नैं ब्योली इन्नु कै सकद? यांकु जबाब ख्वजण बौत मुसकिल च, पर चिंता करण बौत जरुरी। राजा का मुण्ड मा अगनै अर पिछने बिटि मार करे ग्यायी। राजा कु मेघालय म कतल की या घटना एक मनखि कु नुकसान हि ना बल या एक समाजिक नैतिक अर मानसिक स्तर पर चिंता पैदा करणि च। यु मामला केवल ध्वका देंणा कु नीं च, समाजै खळाखळ गिरणि मानसिकता कु बि च, जैमा रिसता खुणि कु क्वीं जगा हि नीं बची च। यु अपराध नै जमनै प्रेम अर ब्यों का रिस्तों म अविश्वास अर अपणा फैदा तैं ख्वजणु च, यख नयूं-नयूं ब्यो की खुसी, विस्वासै जातरा हत्या तक पौंछि जान्द, वख यु एक अपराध नीं च बल यु हमर समाज क आत्मा पर चोट च।

सोनम ब्यो का बारह दिनु भितर अपड़ा जवैं कु कतल करण कु जु काम कायी, वा से साफ च सोनम क्वीं कमजोर नौनी नि छायीं। तब यखम सवाल त यों बि च कि अगर सोनम ऐ ब्यो से खुस नीं छायीं त वींन ब्यो करण से मना किलै नी कायी? पर सच त यो च कि सोनमन जरूर सच बोलि होलु। सोनमा ब्वै-बुबा तैं सोनम अर राज कुशवाहा प्रेम काहणी कु पता छायीं। साफ च कि सोनमन ब्वै-बुबा न सोनम पर राजा रघुवंशी दगड़ि ब्यो करण कु दबाव बणै। अर सोनम अर राजा रघुवंशी कु ब्यो समाजम अपणु मान बचौंणा वासता करे ग्यायी। ब्वे-बुबा न सोचि! ब्यो त अपणै समाजन करण, अर जब एकदा ब्यो ह्वे जालु त सब अप्फि ठीक ह्वे जालु। यखम सोनम से जादा त वींका ब्वे-बुबा दोषी छन।

हमर देसम ब्यो तैं सात जनम कु पवैत्र रिस्ता ब्वलें जान्द। अब सवाल त यु बि खडु हूंण च कि क्य ब्यो एक पवेत्र रिस्ता न बल एक सौदा ह्वेग्य? किलैकि जन सोनम अपणा जवैं कु कतल कायी, वां से इन्न लगणु च कि अब कतल करणा खुणि हत्यारु की क्वीं जरुरत नीं च, कतल त रिस्तों क जरिया बि करे जै सकदु। सोनम न अपणि जिन्दगि त बरबाद हि कायी यांका दगड़ि वींन द्वि कुटुम्दरि कु भरोसु हि ना बल सर्या समाज कु भरोसु अर ब्यो जन पवेत्र रिस्ता पर बि चोट कायी।

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