भाजपा फर हरक कु हमला, सियासी जमीन जमीन ख्वजण की ठीस च
कांग्रेसा बड़ा नेता अर पैल्यक कांग्रेस, भाजपा द्विया पार्टिम रंया कैबिनेट मंत्री रयां हरक सिंग रावत अज्काल चौछड़ि भाजपा पर हमला करणा छन। कांग्रेस पार्टिम एक कुडा ध्वल्यां हरक सिंग अणाचक अपणि राजनीति दसा तैं कटकुटु करणा कोसिस करणा छन। हरक भाजपा पर हमला करणा छन अर आरोप लगौंण छन कि प्रदेसा खनन नीति से भाजपन अपणु घौर भोरि द्यायीं। भाजपन संगठन चलौंणा वास्ता 30 करोड़ रुप्यों की एफडी बण्यीं च। जब यु भाजपा मा वन मंत्री छायीं तब उन्न बि 1 करोड़ रुप्या जमा कैकि एफडी का वास्ता दींन।
हरक सिंग रावत 1 करोड़ रुप्या कख बिटि जमा करिन यु बि बतै अर यांकु दोष उन्न अप्फु तैं बि द्यायी अर बोलि ये मामला मा जांच हूंण चैंद।
आज त हरक अपणा करमु कु दोष भाजपा मुण्ड मा ध्वलणा छन, अर अप्फु तैं बि यांका वास्ता दोषी बतै कि ईमानदारी कु स्वांग करणा छन। हरक राजनीति क बड़ा खिल्वार छन उन्न उन सबि पार्टियों कु छोयों कु पाणि पियु च। हरक कबि बसपा त, कबि कांग्रेस, त कबि भाजपा म रैन। विधानसभा चुनौ से पैलि हरक भाजपा छायीं, ठीक चुनौ मा उन्न कांग्रेस कु हत्थ थामी। कांग्रेस मा जाणा बाद हरक एक कुड़ा प्वड़या छायीं, अचाणचक हरक टकटका (सक्रिय) ह्वेग्यींन। हरक सिंह न मुख्यमंत्री धामि, त पैल्यक मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र त कबि भाजपा प्रदेस अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट पर हमला करण छन। साफ च कि कांग्रेसम भितरै-भितर कबसेड़ा हरक कांग्रेस पार्टिक भितर अपणि राजनैतिक जमीन ख्वजणा कोसिस करणा छन। हरक कु यु बयान कि मिन पार्टी (भाजपा) तैं नीं छोड़ि बल मितैं भाजपन पार्टी बिटि भैर कायी। इन्नु बोलि कि हरक इन्नि सानी करणा छन की हरक भाजपन जाणा खुणि टबलाणा (छटपटाना) छन, हरक भाजपा खिलाप बयान देकैकि भाजपा पर दबौ बणैणि की भितर जाणा वास्ता द्वार ख्वलण कि कोसिस करणा छन।
इबिर हरक कांग्रेसा खुचलि च बैट्ठां छन त भाजपा पर हमला करणा छन। हरक जब भाजपा सरकार छायीं तबरि का कर्यां कामु तैं लेकैकि सरकार पर हमला करणा छन पर हरक कांग्रेस पार्टिम कर्या अपड़ा कामु तैं भुलि ग्यींन।
उत्तराखण्ड बणणा बाद सबसे पैलि हरक कांग्रेस सरकारम मंत्री बणिन। जब वु मंत्री छायीं तब पटवारी घोटालम ऊंकु नौं सामिल छायीं। जैनी प्ररकण कारण हरक तैं मंत्री कु पद छ्वण पोड़ि। शंकरपुर म 100 बीघा जमीन कब्जौं कु आरोप हरक सिंह पर च। कर्मकार बोर्ड मा करोडु़ रुप्यौं कु घपला मा हरक कु नौं बि जुड्यूं छायीं। इतगै हि ना द्वी ब्यटुळा जु हरक सिंह रावत खुब नजीक छायीं दमयंती रावत अर लक्ष्मी रावत तैं फैदा पौंछण काम बि हरक सिंग रावतन कायी।
अब यादकारा वु 2016 जब हरक सिंह रावतन विधानसभा सत्रम अपणि हि पार्टिक (कांग्रेस) खिलाप खड़ा ह्वेग्यीन अर 8 हौरि विधायकु दगड़ि भाजपा मा सामिल ह्वेग्यीन।
हां हरक सिंगम चुनौ जितणा कु मंतर छैंच, इल्लै ऊंकु नौं बड़ा नेता मा लिये जान्द। बसपा, कांग्रेस, भाजपा, कांग्रेस पार्टी खळाखळ अपणा फैदा वास्ता पार्टी तैं बदली करणु हरक कु जु इतिहास च वैसे साफ च की हरक सिरफ अर सिरफ अपणा फैदा वास्ता राजनीति करदन, वु तैं जनता से क्वीं मतबल नीं च।
अबि त हरक सिंग भाजपा पर हमला करण वला बयानु से भाजपा या फिर कांग्रेस कै तैं फैदा हून्द अर कतगा फैदा हूंद यु त भवेष्या पुटगम च पर हां इतगा जरुर च कांग्रेसम भितरै-भितर कबसेणा हरक अपणु सबि दोष (जब यु भाजपन म छायीं) भाजपा का कपाल मा फोड़िकि, एक दा दुबरा कांग्रेसा भितर अप्पु तैं बडु नेता साबित कैकि अपणि राजनैतिक जमीन तैं दूबरा ख्वजण की कोसिस करणा छन। हरक सिंग रावतन इबरि त प्रदेसा सियासत मा चिंगरि लगै याली। बस दय्खण वलि बात त या च कि हरक सिंग औंण वळा विधानसभा चुनौ मा कै हौड़ फरक दन।
