देरादूणम नकल माफियों कु जाळ, युवाओं कु भवेष्य पर सवाल

इमत्यान मा हाईटेक तरीका से नकल करौंण वळा मामला मा देरादूण एकदा दूबरा चर्चौं च। इमत्यान मा नकल खुणि भ्वां मा सेफ्टी टैंक ढक्कण लगै कि एक खडवळा पुटगा कम्प्यूटर धर्यूं छायीं। यु कम्प्यूटर सर्वरा तरौं काम करणु छायीं। अर इमत्यान देंण वलों का जवाब तैं कम्प्यूटर तैं रिमोर्टा जरिया हल करणु छायीं। साफ च कि यख मिलजुलि की नकल कर्ये जाणि छायीं।

यखम सबसे जादा छुरौंण वलि बात च कि प्रतियोगी इमत्यानु मा खळाखळ नकल करणा मा मामला समणि आणु यु बतौंणु च की शिक्षा बन्दुबस्त मा अबि बौत सर्या द्वळण (छेद) छन। इमत्यान मा नकल सिरफ कानून बन्दुबस्त कु सवाल नीं च, बल यु युवाओं कु भवेष्य अर समाजै नैतिकता से जुड्यूं मामलु च। अब नकल इमत्यान भितर सिरफ परची तक नीं रै ग्यायी, नकल अब तकनीक अर दूसरै जगा पर इमत्यान देंणु तक पौंछिग्यायी, जु हमरि सर्या बन्दुबस्त फर असर डलणु च।

यांकु सीधा असर इमत्यान देंण वला लाखु ईमानदार छात्रों पर प्वड़णु च, जु मेनत कैकि सफल हंूण चाणा छन। अब जब मेनता जगा पर जालसाजी सफलता कु जरिया बणि जाली, त मेनता करण वला हतास तो होला हि अर वुंकु इमत्यान पर बिटि भरोसु टूटण बैठि जालु। या दसा कै कि प्रदेसा वास्ता बौत खराब च।

हरेक दा नकला मामला समणि औंणा बाद कारवै अर जांचा घोषणा हूंद। यांका बाद बि खळाखळ नकल हूंद त यु सवाल खडु हूंद की आखिर नकल करौंण वलों का जलुड़ा इतगा गैरा किलै छन? क्य इमत्यान केंद मा नकल रवक्णा कु पूरू बन्दुबस्त नीं च? क्य तकनीक सुरक्षा मा क्वी कमी? या क्वीं मिलीभगत च?

नकल माफिया जब तब जादा पनपदु, जब समाजम कन्नु कैकि बि (नकली डिग्री या फिर नकल कैकि) सफल हूंण मानसिकता जादा कटकुटि ह्वे हूंद जांद। यखम छात्रु तैं बि समझण प्वाडलु की थ्वड़ा बगत कु फैदा बडु नुकसान दे सकदु। नकल कै कि लगि नौकर या डिग्री न त आत्मसम्मान हि देली अर ना जिकुड़ि मा छपछपी त कतै नी राली, अर पकड़े जाणा की धकधकि सदनि हि राली।

शिक्षा कु मकसद सिरफ प्रमाण पतर हि ना बल शिक्षा कु मतबल चरित्र अर क्षमता कु निर्माण करणु बि च। अब अगर हमरि या भूल भावना कमजोरी होलि, त हमरू सर्या तंत्र कमजोर ह्वे जालु।
देरादूणम नकल माफिया कु हावी हूंण चेतावनी च अब बगत ऐग्ये की सरकार, प्रशासन अर शैक्षणिक संस्था अर समाज मिलिकैकि कटकुटु बन्दुबस्त तैं लागू कर्यां। अगर अबि क्वीं कटकुटा फैसला नी लिये जाला त औंण वलि पीढ़ि कु विस्वास हमरि व्यवस्था बिटि टुटि जाली। शिक्षा तैं बचौंणु सिरफ कानून कु सवाल नीं च, यु भवेष्य तैं सुरक्षित रखण रखणा की संकल्प बि च।

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