देरादूण मा बढ़दै जाणा जुरम, आखिर कोच यांकु जिम्मेबार?

उत्तराखंड की राजधानी देरादूणै पछ्याण कबि शांत, सुरक्षित अर शिक्षा वास्ता सर्या दुन्या छायीं। रिटायर्ड लोग अर पर्यटक क दिल मा छपछपि देंणि वलु देरादूण आज खळाखळ बढ़दा अपराधु का कारण के कारण खबरु मा च।

अबि कुछ बगत बिटि जना मामला, हत्या, लूट, गैंगवार जना घटना समणि औंणा छन वै से देरादूण लोगु डर्या हि नी छन, बल पुलिस बन्दुबस्त पर बि बड़ा सवाल खड़ा हूंणा। लोग ब्वना छन की क्या देरादूण अब जुरम राजधानी बणिग्ये?

अबि कुछ दिन पैलि ऋषिकेश् मा प्रीति रावत नौं कु एक नौंनि कु गोळि मारिक हत्या करे ग्यायी। प्रीति आउटसोर्स एजंेसी जरिया एम्स मा नौकरि करणि छायीं।

त दुसर तरफा विकासनगर ढालीपुर मा बारम पढ़णि नौंनी तैं दथुड़ा अर ढुंगा न मारिकि हत्या करे ग्यायी। नौंनि कु मुण्ड मा चोट, त गिच्चु, थिच्चु छायीं अर एक हत्थै अंगळु कट्यूं छायीं।

देरादूणै मच्छी बजार घटना त देरादूण रैवासियों तैं झंजोड़ द्यायी। जु वु स्वींणा मा बि नीं सोचि सकदा छायीं। 23 सालै नौंनि की धौंण (गर्दन) काटिकि हत्या करे ग्यायी।

द्वी दिन दिन पैलि देरादूणम गैस एजेंसी मालिक अर्जुन शर्मा तैं तिब्बती मार्केट मा गोळि मारे ग्यायी। यांका बाद पुलिसन गोळि मरण वला द्विया लोगु तैं पकड़ि याली। जांच मा या बात समणि ऐ की, अर्जुना हत्या वैंकी ब्वे न अपणा दगड़ियौं से 12 लाख रुप्या देकैकि करै छायीं। पुलिसन तिन्या तैं पकड़िकि मामला कु खुलासा कायी।

ब्याली 13 फरवरी सुबेर 10 बजि सिल्वर सिटी मॉलै भैर एक मूल झारखण्ड कु रैवासी जु हिस्ट्रीशीट छायीं, जब वु जिम बिटि भैर आणु छायीं तबरि गोळि मारिक वैकी हत्या करे ग्यायी।

या सबि घटना बतौंणि छन की अपराधियों क भितर कानून की जरा बि डैर नीं च। यीं सबि घटना अलग-अलग जगों की नी छिन बल यीं सबि घटना एक हि जिला अर प्रदेसा राजधानी देरादूण छन।

यांमा सबसे जादा झुरौंण वलि बात या च कि यीं सबि घटना दीनदुफ्रा मा हूंयी। या घटना साफ बतौंणि छन की अपराधी न त पुलिस से डरणा छन अर पुलिस कारवै, ऊंतैं इन्न करणु से रोकि सकणि च।

इन्न मा यु सवाल खडु हूंण च आखिर राजधानी की पुलिस कख स्यीं च? लोग सवाल करणा छन कि अगर सबसे जादा सुरक्षित प्रदेस राजधानी जब दिन द्विफरा गोळि चलणि छन त फिर आम मनखि की सुरक्षा कु क्य होलु?

या बात सै च की राजधानी देरादुणम तेजी से बढ़णु शहरीकरण, भैर बिटि ऐकी यख बढ़णि आबादी, नशा कु कारोबार, अर बेरुजगारी यांका जादा कसुरबार छन। पर यांका यु मतबल कतै नीं च की, देरादूण मा बढ़दै जाण अपराधु की जिम्मेबरि शहरीकरण, देरादूण बदल हूंणि डेमाग्रफी का कांधों पर धौळिकि पुलिस अपणि जिम्मेबरि से बचि नीं सकदि। पुलिस तैं अपणु खुफिया तंत्र, तैं हौरि कटकुटु बणौंण प्वाड़लु अर पुलिस तैं गुनाहगारू पर सखत कारवै करण प्वाड़लि।

त सरकार अर प्रशासन तैं या बात समझणि प्वाड़लि कि गुनाह सिफर गिनणा कु विषय नीं च, की कतगा हूंयी। बल यु आम लोगुकि जिन्दगि अर सुरक्षा से जुड्यू सवाल बि च। जब राजधानी हि सुरक्षित नीं होलि त प्रदेसम क्य रैबार जालु? अब या बगतै या मांग च कि अपराध फर सिफर बयान बाजी न बल कारवै हूंण चैंद, अपराधी भितर कानून की डैर अर जनता की सुरक्षा अर विस्वास द्वियौं तैं बणौंणु आज प्रदेस सबसे बड़ी दरकार बणि ग्यायी।

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