मतदान सुरु हूंण से पैलि तक प्रधान कु निर्विरोध निर्वाचन ह्वे सकदु , यांकु विशेष अधिकार गौं वळौम् च
उन्न त इन्न समझे जान्द कि नामांकन पत्र वापिस लिंणा तरीखा बाद ग्राम प्रधान कु निर्विरोध निर्वाचन नीं ह्वे सकदु अर मतदाना हि चुनौ कु एक जरिया च। पर एक हौरि जरिया च जु मतदाना दिन बोटिंग सुरु हूंण सै पैलि तक ग्राम प्रधान तैं निर्विरोध बणौंणा कु अधिकार गौं वला तैं दींद।
ह्वे इन्नु सकदु कि एक उमेदवार तैं छोड़िकि पीठासीन अधिकारी तैं हौरि सबि उमेदवार मिलिकि एक चिट्ठी लेखिकि कि अपणु नौं वापिस ले ली त, एक बच्यूं उमेदवार निर्विरोध निर्वाचित ह्वे सकदु। अर यु बन्दुबस्त पंचायती राज एक्टम बि च पर क्षेत्र पंचैत सदस्य अर जिला पंचैत सदस्य फर इन्नु नीं करे जै सकदु।
त्रिस्तरीय पंचैत चुनाव ‘पंचायती राज एक्ट’ का जरिया हूंदन। प्रदेस सरकार अपणु पंचायती राज अधिनियम बणौंद अर त्रिस्तरीय प्रणाली तैं लागू करद। यु अधिनियम पंचैत चुनौ प्रक्रिया, सदस्यौं कु काबिलियत, तागत, कामु अर वित्तीय मामलु तैं बस (नियंत्रित) मा करदु।
उत्तराखण्डम उत्तराखण्ड पंचायत राज (सदस्यों, प्रधानु अर उप प्रधानु कु निर्वाचन) नियमावली 1994’ पंचैत चुनौ क बारम नियम अर प्रक्रिया तैं तय करदु। यु नियमावली, उत्तराखण्ड पंचैत राज अधिनियम, 2016 क जरिया बण्यें ग्यायी।
हूंद इन्नु च कि चुनौ लड़ण वलों अर बोट देंणा वला लोगु तैं मतदाता एक्ट जाणकारी त हून्दि च पर जादा जाणकारी नी हूंदि इल्लै वु अपणा अधिकारु कु फैदा नीं उठै सकदा।
इन्न की पंचायतीराज एक्टम मतदाना दिन तक ग्राम प्रधान कु निर्विरोध चुनौ कु विशेष अधिकारी गौं वळौम् च पर वु तैं यांका बारम जाणकारी नीं च। यु नियमावली कु नियम75 उपनियम 2 क जरिया नामांकन पत्र वापिस लिंणा तारीख खतम हूंणा बाद गौं वला सबि मिलिकि गौं कु प्रधान बणै सकदन। यां का वास्ता द्वी रस्ता छन, अगर मतदान सुरु हूंण से तीन दिन पैलि, एक उमेदवार तैं छोडिकि सबि उम्मेदवार अपणु नौं वापिस लिंण च्या त, वु यांका बारम एक चिट्ठी लेखिकि की निर्वाचन अधिकारी तैं दे सकदन। अर मतदान सुरु हूंणम तीन दिन से कम कु बगत च त या चिट्ठी मतदान सुरु हूंण से पैलि पीठासीन अधिकारी तैं दिये जै सकदि। यांका बाद पीठासीन अधिकारी निर्वाचन अधिकारी क मंजूरि मिलणा बाद ग्राम प्रधान कु निर्विरोध चुनौ ह्वे सकद।
