हवै सेवा, आखिर सुरक्षा कैकि जिम्मेबरि?
उत्तराखण्ड मा चारधाम जातरा मा हवैजाज (हेलीकॉप्टर) दुरघटणा रुकणा कु नौ नीं लिंणि च। पाड़ मा हवैजाज श्रद्धालुओं की जातरा तैं असान बणौंदन, पर लगातार हूंण वलि दुरघटणा हवैजाज सेवा फर सवाल बि खड़ा करणि च।
30 अक्टूबर खुणि बदरीनाथ बटि देरादूण आण वळु हवैजाज जोशीमठ मा दुरघटणग्रस्त ह्वेग्ये। यीं दुरघटणा मा छै लोगु की मिरत्यु ह्वेग्ये। जैमा पांच कर्नाटक का रैवासी छायीं। यीं घटणा का बाद एकदा दुबरा चारधाम जातरा मा चलण वला हवैजाज की सुरक्षा अर व्यवस्था फर सवाल खड़ा कै दींन।
बदरीनाथ की या घटना उत्तराखण्ड मा क्वीं पैलि घटणा नीं च। साल द्वी हजार सत्तरा (2017) मा बदरीनाथ नजीक हेलीकॉप्टर दुरघटणा मा एक इंजीनियर की मिरत्यु ह्वेग्ये छायीं 18 अक्टूबर 2022 केदारनाथ बटि गुप्तकाशी जाणु हेलीकॉप्टर गरुड़चट्टी क नजीक दुरघटणाग्रस्त ह्वेग्ये छायीं। जैमा पैलेट (पायलट) का दगड़ि सात लोगु की मिरत्यु ह्वेग्ये छायीं। अर साल द्वी हजार पच्चीस मा त हवै जातरा का वास्ता हौरि जादा खराब रै। 8 मई खुणि उत्तरकाशी गंगनानी क नजीक दुरघटना मा 6 लोगु की मिरत्यु ह्वे अर एक घैल ह्वे। त 15 जून केदारनाथ बटि गुप्तकाशी आणु हेलीकॉप्टर की गौरीकुंड नजीक दुरघटणा ह्वेग्ये, जैमा साल लोग की मिरत्यु ह्वेग्ये। अर अब बदरीनाथ का नजीक हेलीकॉप्टर दुरघटणा न बौत सर्या सवाल खड़ा कै दींन।
सबसे बडु सवाल हि यो च कि जब मौसम खराब छायीं अर मौसम विभागन पैलि हि चौकस कर्यूं छायीं, तब हवैजाज तैं उड़णा की मंजूरि कन्नकैकि मिलि? खबर च की मौसम खराब हूंणा कारण सुबेर बटि हवै सेवा फर रोक छायीं। उत्तराखण्ड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूसीएडीए) दुरघटणा से एक घंटा पैलि सबि उड़ान रोकणा का आदेश दियां छायीं। त सवाल खड़ु हूंद की क्य हेलीकॉप्टर कंपनी न यूसीएडीए कु आदेश नी मानि। इन्न मा सवाल सिरफ मौसम कु ना, बल उत्तराखण्ड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूसीएडीए) का नियम तैं नी मनणा कु अर देखरेख कु बि च।
यखम या बात बि समझण बौत जरूरी च कि पाड़ मा साफ मौसम मा बि कबि-कबि घाटि मा बादल बौत तेजी से ताल उतरि जन्दिन। त कखि बरखा हूंद त कखि कुयेडु़ (कोहरा) मा दिख्येंदु नीं च। इन्न मा पैलेट तैं रस्ता नीं दिख्येंदु अर जाज तैं पेथर फरकण कु मौका बि नीं मिलदु।
अब ऐ हादसा मा या बात बि समणि आण चैंद की हेलीकॉप्टर न कतगा बजि उड़ाण भोरि, उबरि मौसम कन्नु छायीं, अर वैथे उड़णा की मंजूरि कैन द्यायी। अर अगर उड़ाण रोकणा का आदेश छायीं, त आदेश कु पालन किलै नीं करे ग्यायी। यखम सिरफ पैलेटा गलती बतै की मामला खतम नीं करे जाण चैंद। हवै कम्पनी न उत्तराखण्ड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण का नियमुु कु पालन नी कायी त यांकी जिम्मबरि बि तय हूंण चैंद।
हेलीकॉप्टर सेवाऔं कु एक हौरि खास बात च अर वा च जाज की तकनीकी हालात अर देख-रेख कु। दुरघटना बाद सदिन हेलीकॉप्टर की उमर का सवाल खड़ा हूंदन। उन्न त हेलीकॉप्टर की उमर की क्वीं इन्नि तारीख नीं हूंदि (एक्सपायरी) की जैका बाद उ उड़ण कु लैक नीं रैंदु। हेलीकॉप्टर की सुरक्षा अर उड़ान का कुल घण्टा, टेकऑफ का चक्र, इंजन अर वैका पुरजों की उमर अर बग्त-बग्त पर इंजन की मरम्मत च।
इल्लै सरकार तैं चारधाम जातरा फर चलण वल हवैजाजु की निर्माण तारीख, कुल उड़ाण का घंटा, इंजन की दसा, पुरजौं की उमर अर हवैजाज की देखरेख कु रिकॉर्ड करण चैंद। सिरफ कागज मा फिटनेस देखिकि हवैजाज तैं उड़णा की मंजूरि नी दिऐ जाण चैंद बल वैकी तकनीकी दसा अर सुरक्षा मानकु की जांच बि बौत जरुरी च।
चारधाम जातरा मा हवैजाज सेवा सिरफ पैसा कमाणु कु जरिया हि ना बल श्रद्धालुओं की जिन्दगि अर सुरक्षा से जुड़ी बड़ी जिम्मेबरि बि च।
चारधाम जातरा मा हवैजाज सेवा सिरफ कारोबार कु जरिया नि, बलकि श्रद्धालुओं की जिन्दगि अर सुरक्षा से जुड़ी बडी जिम्मेबरि बि च। पाड़ मा हैलीकॉप्टर उड़ौंण वला पैलेट तैं खास प्रशिक्षण अर पाड़ मा उड़ाण कु तर्जुबा बौत जरूरी च।
उत्तराखण्डम चारधाम जातरा धार्मिक जातरा च। हेलीकॉप्टर सेवा यख औंण वला जातरियों की जातरा तैं सजिलु बणान्द, पर सुविधा का नौ फर जातरियों की जिन्दगि तैं खतरा मा नी डलण चैंद। जातरियों की सुरक्षा पैलि हूंण चैंद न की जादा पैसा कमाणा कु। किलैकि हेलीकॉप्टर की उड़ाण से जादा खास च वैमा जातरा करण वलों की जिन्दगि च। पाड़ मा मौसम का दगड़ि रिस कैकि ना बल मौसम का हालत तैं समझिकि उड़ाण भोरण चैंद। अर सरकार तैं बि यु तय करण प्वाड़लु कि चारधाम जातरा श्रद्धालुओं की आस्था कु सफर च, अग्गास मा मौत कु ना।
