प्रदेसा मुख्या “धामी”, जनसेवा की मिसाल छन
उत्तराखण्ड पाड़ि प्रदेस च, जख प्राकृतिक आपदा औंणि रैंदन अर जिन्दगि तैं चुनौती देंणि रैंदन। ऐसु साल बि उत्तराखण्डम उत्तरकाशी धराली, चमोली थराली, नंदासैंण, पौड़ी बीरोंखाल मा त, जांदा-जांदा यु बस्गाल देरादूण, सहत्रधारा का ज्यूं मा घौ कै ग्यायी।

उन्न त बादल फटणा, पाड़ रऽड़ा (भूस्खलन), जादा बरखा, सड़क्यिों कु टुटण पाड़ रैवासियों खुणि क्वीं नै बात नीं च।
आपदा केवल कुदरतै मार नीं हूंद, आपदा सरकार अर समाजै संवेदनशीलता कु इमत्यान बि हूंद। इन्न मा उत्तराखण्डा मुख्यमंत्रिन पुष्कर सिंह धामी खळाखळ आपदा प्रभाविता तोक कु दौरा करणा छन बल प्रदेसा मुख्यमंत्री अपणि जिम्मेबरि तैं हि ना बल मनख्यात अर संवेदना कु उदाहरण बि छन।
प्रदेसा मुख्यमंत्री सदनि प्रदेसा रैवासियों का सुख-दुःखम ऊंकी दगड़ि खड़ा रैंदन। अबि दिवळि दिन मुख्यमंत्री सहस्त्रधारा आपदा प्रभावित तोक मझाड़ा गौं पौंछिग्यीन जख उन्न कालीगाड़, मझाड़ा गांव अर सहस्त्रधारा तोकम आपदा से प्रभावित कुटुम्दरि दगड़ि मुखाभेंट कायी।
मुख्यंत्रिन दिवळि आपदा प्रभावित लोगुक बीच मन्ये, मुख्यमंत्री गौं वलों दगड़ि छ्वीं लगै। अर गौं वलों तैं भरोसु दे की सरकार आपदा पीडितौं दगड़ि खड़ी च अर हरेक मनखि की पिड़ा सरकारा पिड़ा च। मुख्यमंत्रिन यु रैबार बि द्यायी कि दिवळि उज्यला कु ना बल दिवळि एकता कु बि त्योवार च अर हमर जिन्दगिम बि उमेद अर हैंसि कु झैऽळ पिल्चणि रैंण चैंद।
मुख्यमंत्री कु यु ब्यौहार बतौंणु च कि वु एक केवल देरादूण मा बैठिकि सरकार चलौंण वलि नेता नीं छन, बल यु भ्वां मा जैकि लोगु पिड़ा तैं समझण वला जन नेता छन। आपदा तोेकम पौंछिकि आपदा से पीड़ित कुटुम्दरि तैं मिलणु, ऊंकी मदत करणु, अर वख हूंण वला कामु तैं दय्खणु, लोगु तैं झटाझट मदता पौंछाणु मुख्यमंत्रिकि राजनैतिक प्रतिबद्धता तैंं दिखान्द। जै की आज प्रदेसा जनता तैं सबसे जादा दरकार च।

उत्तराखण्ड जन्नु संवदेशील प्रदेस आपदा प्रबंधन सिरफ अर सिरफ राहत कु समान बंटण तक हि नी रै सकदु, यु नीति, अच्छी त्यरि, अर देखभाल का मांग बि करदु। मुख्यमंत्री कु इन्न ब्यौहार से लोगुम एक उमेद जगी जांद कि सरकार आपदा से निपटण वास्ता काम करणि च फिर वु लोगु तैं दुबरा बसौंणा, वु जगों की पछ्याण करणु जख आपदा ऐ सकदि, आपदा औंण से पैलि लोगु तैं चितौंणु। जनता बीच जैकि ऊंकी दिक्कतु तैं सुणणु, ऊंकी पिड़ा तैं अपणि पिड़ा समझि कि फैसला लिंण से जनता अर सरकारै बीच दूरी कम हूंद, एक विस्वास पैंदा हूंद कि या हमरि सरकार च, या सरकार केवल ‘कागजु मा आदेश देंणि वलि तागत’ हि ना बल या सरकार हमरि सैंगुसै (संरक्षक) बि च।
मुख्यमंत्री इन्नु काम करणा कु तरीका आण वला बगतम प्रदेसा वास्ता एक मिसाल कु काम करालु अर आपदा प्रबंधन मा प्रदेसा मुख्या (मुखिया) की या संवेदनशीलता हि प्रदेस तैं सुरक्षित अर आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड बणौंणा दिसम लिजालु।
