पेपर लीक, ज्वानु कु़ भवेष्य दगड़ि मखोल नी त क्या च
उत्तराखण्ड राज्य आंदोलन तैं प्रदेसा युवा अर मातृशक्ति कु आंदोलन ब्वलें जांद। राज्य आंदोलन की चिनगरि उबरि बि रुजगार तैं लेकैकि हि जगि छायीं। उबरि प्रदेसा युवा तैं इन्न लगि कि आरक्षणा मांग पर पाड़ कु लोगु कु रुजगार लुछ्ये जाणु च। इल्लै उबिर प्रदेसा सबि युवा अपडु रुजगारा बचौंणा वास्ता सड़कियांें मा निकलिग्येन।
आज पच्चीस साल बाद बि प्रदेसा युवा नौन्याल सड़क्यिूं मा छन। फरक बल सिरफ यो च कि यु आंदोलन क्वीं आरक्षण कु विरोध मा नीं च, यु आंदोलन उत्तराखण्डम खळाखळ हूंणा पेपर लीका की घटना का विरोध मा दुखी ज्वानु कु च। अब प्रदेसा युवाऔं तैं इन्न लगणु च कि प्रदेसम अब ऊंकु भवेष्य चिंता कैथैं नीं च।
उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग इमत्यान कु पेपर लीक ह्वे। इमत्याना दिन 35 मिनट बाद पेपरा तीन पेज सोशल मीडिया मा वायरल हूंणा लगिन, यीं बातिकि गुस्सा प्रदेसा बेरुजगारु मा च। उन्न त यु पेपर लीक कु प्रदेस क्वीं पैलु मामलु नीं च। प्रदेसम खळाखळ हूंणा पेपर लीक मामला बाद सरकार ‘उत्तराखण्ड प्रतियोगी परीक्षा-2023’ लेकैकि ऐ छायीं। तब सरकार नकल विरोधी कानून बणै छायीं। यांका बाद बि उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोगा स्नातक स्तरीय परीक्षा कु पेपर लीक हूंण की बात समणि ऐग्ये। यीं खबर प्रदेसा सबि लोगु तैं झक कै द्यायीं नकल विरोधी कटकुटु कानून बणणा बाद बि पेपर लीक करण वलों पर क्वीं फरक नीं पोड़ि। प्रदेस सखत नकल विरोधी कानून बणण बाद बि नकल माफियों मा क्वीं डैर नीं च।
प्रदेसम खळाखळ हूंणा पेपर लीक मामला म अब ज्वानु कु सबर टूटण लगिग्ये अर उमा बौत गुस्सा च। यु केवल एक इमत्यान या घपरोळ या फिर नकल कु मामलु हि नीं च, बल यु लाखों युवाऔं की मेनत, उमेद अर भवेष्य से जुड़यूं सवाल च बि च।
उत्तराखण्ड प्रदेसम लगातार हंूणा भर्ति इमत्यानम पेपर लीक हूंणा मालला मा अब भर्ति करौंण वलि संस्था यूकेएसएसएसी पर हि सवाल खड़ा हूंणा छन। बार-बार मेनत करणा बाद प्रदेस युवाओं पर पेपर लीक अर भ्रष्टाचारै मार भारी किलै प्वड़णि छ? यां से ऊंकु भरोसु सरकरि सिस्टम अर सरकार पर बिटि टूटण बैठिग्ये। यीं बडु कारण च अब सर्या प्रदेसा युवा बेरूजगार देरादूण सड़किम बैठ्या छन अर सरकार से न्याय की मांग करणा छन। बेरुजगार संगठना साफ मांग चकि पेपर लीक मामला म जु बि दोषी छन ऊ पर सखत कारवै करे ज्यां अर भवेष्यम इन्न घटना नीं यां कु भरोसु बि दिये ज्यां। यु आंदोलन सरकार खुणि बि चिंतै बात च इल्लै ऐ मामला मा सरकारन एसआईटी कु गठन कै याली। किलैकि अबि अगर भर्ति इमत्यान मा सुधार नीं होलु त युवाओं कु भरोसु सरकार पर बिटि टूटि जालु।
उत्तराखण्ड अबि नै प्रदेस च, जैकि जलड़ा हि ज्वानु का संघर्ष अर बलिदान पर खड़ा छन। इन्न मा यु बेरुजगारु अवाज तैं दबौंणु कतै सै नीं च। अबि त सरकार तैं चैंद कि अगनै बढ़िकि भर्ति प्रणाली तैं हौरि छाळु अर कटकुटु बणैकि युवाओं कु भरोसु दगड़ि प्रदेस साख बचौंणा की बि च। अबि सरकारै समणि नकल माफिया ये निपटणा की बड़ी चुनौती च। नकल माफियौं का जलड़ा इतगा गैरा भ्वां मा ज्यां छन कि सरकार तंत्र बि ऊंका जलड़ौं तक नीं पौंछि सकणु च। द
रअसल पेपर लीक कै एक प्रदेसा न बल या सर्या देसा चिंता च। इन्न मा उत्तराखण्ड बेरुजगारु क ज्यूं मा एक हि सवाल च अर यु सै बि च कि नकल माफिया कु असली गुसैं (स्वामी/मालिक) कोच?
