भारत-पाकिस्तान क्रिकेट, खेल ना बल अब कूटनीति कु मैदान ह्वेग्यायी

एशिया कप मा पाकिस्तान तैं हरौंणा बाद टीम इण्डियन जु कायी वैथैं देखिकि सर्या दुन्या झक ह्वेग्यायी। भारत-पाकिस्तान कु मैचम जन्नि टीम इण्डिया कप्तान सूर्य कुमार यादवन जीत कु छक्का लगै उन्नि वु अपणा खिल्वार दगड़िया शिवम दुबे दगड़ि मैदान बिटि भैर चलिग्यींन अर यांका बाद टीम इण्डिया कु क्वीं बि खिल्वार (खिलाड़ी) मैदान मा पाकिस्तानी खिल्वारु दगड़ि हत्थ मिलौंणा खुणि नीं ऐ। खेलम हार-जीत त हूंणि रैंदन अर खेलम हरया-जीतयां क्वीं बि, खेल खतम हूंणा ब बाद द्विया टीमु का खिल्वार कु एक दुसरा दगड़ि हत्थ मिलाणा कु रिवाज च अर यु खेल कु एक भाग च। यीं बडु़ कारण च यीं घटना न सर्या खेल दुन्या हि ना बल राजनीतिक अर कूटनीतिक लोगु क बीच बि एक चर्चा सुरु ह्वेग्यायी।

इन्न मा अब सवाल यों च कि टीम इण्डिया कु ये बरतौव तैं खेल भावनाक कमी या फिर कूटनीतिक जीत क्य ब्वलें ज्यां? खेल तैं सदनि राजनीति अर कूटनीति से अलग रखे ग्यायी। खेला मैदान मा दुसर खिल्वार तुमसे कतगबि तागत वला हूयां खेल खतम हूंणा बाद द्विया खिल्वार एक दुसर दगड़ि हत्थ मिलौंदन। खेल क्वीं लड़ै कु मैदान नीं, खेल एक प्रतियोगिता च, एक खेल म हार-जीत त हूंणि रैंदन एक हारलु तबि दुसरु जितलु।

इन्न मा टीम इण्डिया न पाकिस्तानी खिल्वारु दगड़ि हत्थ नी मिलैकि खेल भावना त कतै नीं दिखै, यां से भारत देसा खिल्वारु क स्पोर्ट्समैनशिप पर बि सवाल खड़ा हूंण छन।

त दूसर तरफां टीम इण्डिया का कप्तान सूर्यकुमार मैच जितणा बाद या जीत पहलगाम मा आतंकी हमला म शहीद अर भारतीय सेना तैं समर्पित कायी। द्विया देसु का बीच पहलगाम मा आतंकी हमला बाद सम्बन्ध खराब हूयां छन। इल्लै यां बात त साफ च की टीम इण्डिया मा खेल भावना की कमी त कतै नीं च, हां टीम इण्डिया कु पाकिस्तान खिल्वारु दगड़ि हत्थ नी मिलण बल यु पाकिस्तान तैं एक राजनैतिक रैबार ह्वे सकदु की भारत सरकार हि ना बल सर्या देस पाकिस्तान दूर रैंण चांद। इल्लै यु रैबार सिरफ पाकिस्तान हि ना बल सर्या दुन्या तैं च भारत अपणि बात च खुट्टा जमै की खडु च।

अब या फर सवाल यौं च कि क्य या टीम इण्डिया की भावना छायीं या फिर यु सबि भारत सरकार अर बोर्ड की रणनीति छायीं। टीम इण्डिया कु पाकिस्तानी खिल्वारु दगड़ि हत्थ नीं मिलाण पर द्वि तरौं का विचार छन अगर कूटनीतिक आंखौन दय्खला त भारता की या ‘ना’, पाकिस्तान पर एक जीत च। अगर यु रणनीति कु हिस्सा छायीं त या भारत देसा बौत बड़ी कूटनीति जीत च अर अगर यु फैसला टीम इण्डिया का खिल्वारु कु अपणु फैसला छायीं त या खेल भावना पर चोट च किलैकि क्वीं बि खेल भावना से ख्यले जाण चैंद, हार-जीत खेल की हिस्सा च।

यांका दगड़ि हमतैं अर टीम इण्डिया तैं यु बि स्वचण प्वाड़लु की खेल अबि खतम नीं ह्वे। एशिया कप मा अबि हौरि मैच छन अर अब भारत-पाकिस्तान सुपर चार मा दुबरा एक दूसरा समणि छन। अर ह्वे सकद की फैनल मैच मा बि एक दूसर समणि ऐ सकदन।

अबि त टीम इण्डिया न पाकिस्तान टीम दगड़ि हत्थ नीं मिलैकि जु बि रैबार दे होलु, पर इतगा त साबित ह्वेग्ये कि क्रिकेट अब भारत-पाकिस्तान खुणि खेल नीं रै ग्यायी। भारत-पाकिस्तान रिसता इन्न अल्झिग्ये जख अब हरेक गिन्दु अर रन मा कूटनीति दिख्येंणि च।

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