‘योग्य’, ‘अयोग्य’ अर मतदाता
उत्तराखण्डम छ्वटि सरकारा मतबल त्रिस्तरीय पंचैत चुनौ सुरु ह्वेग्येन। उन्न त चुनौम नामांकन अर चुनौ निसाण तक बटिग्येन, यांका बाद बि एक संवैधानिक मामलु फंसिग्ये। हाईकोर्टन साफ कै याली कि द्वी जगा मतदाता सूचिम नौं वला प्रत्याशी चुनौ नीं लड़ि सकदन पर राज्य निर्वाचन आयोगन एक खास सर्कुलर जारी कै कि इन्न प्रत्याशियों तैं चुनौ लड़ण खुणि लकै मानि अर ऊंकु नामांकन तैं मंजूरि दे द्यायी। अब यामा हाईकोर्टन बि चुनौ पर रोक लगौंण से मना कै दे।
अब इन्न मा योग्य अर अयोग्य प्रत्याशी कु फैसला करण की सीधी जिम्मेबरि मतदाताओं का कंधौंम च। जख तक ह्वे सकदु कि यु पैलु मामलु होलु जख बोटरु उमेदवारु दगड़ि बोट देंण वलों कु बि इमत्यान च।
प्रदेसम ऐसु पंचैत चुनौ जु हलात बण्यां छन वु झसकण वला हि ना बल बौत खास बि छन। द्वी या द्वी से जादा मतदाता सूची म नौं हूंणा बाद कतगै उमेदवार चुनौ म खड़ा हूयां छन। यामा कुछ सत्ता त कुछ विपक्षा छन। हाईकोर्ट जौ तैं चुनौ लड़णा लैक नीं समझदू, आयोगन वु उमेदवारु तैं बि चुनौ निसाण दे दींन यांका बाद बि कोर्ट ब्वद कि अब चुनौ रवक्ण सै नीं च किलैकि चुनौ की अगनै बढ़िग्ये अर इन्न मा रोक लगौंण कतै सै नीं च। त दूसर तरफां राज्य निर्वाचन आयोगन सब कुछ जाणि बुझिकि बि द्वी जगा मतदाता सूची मा नौं वल उमेदवारु तैं चुनौ लड़ण से रवक्णा कु रस्ता नीं निकाली साकी।
खबर च कि इन्ना 500से जादा उमेदवार छन जु का नौं द्वी जगा मतदाता सूचिम छन वु चुनौ लड़णा छन। इन्न मा या बात बि साफ च कि चुनौक् नतीजा आणा बाद गौं वला बि कोर्ट जाला।
अब इन्नम मतदाता कु बड़ी जिम्मेबरि च किलैकि चुनौ मा मतदान सबसे बड़ी तागत च। मतदाता हि च जु उमेदवारु क भवेष्य, हार-जी कु फैसल करदु। उन्न बि सदनि ब्वलें जान्द कि मतदाता तैं अपणु मत कु इस्तेमाल सोचि समझिकि करण चैंद। उमेद यीं च की इबरि बि मतदाता इन्न उमेदवार तैं हि बोट देला जु लोगुक भलै का वास्ता काम कारलु, लोगुकि दिक्कतु तैं सूणिकि ऊंका हल कारलु , जु लोगु क सुख-दुख मा ऊंका दगड़ि खडु़ रालु। बस यख उमेदवार अपराधी अर भ्रष्ट नी हूंण चैंद।
अर खास कैकि आज बगत मा बोटरु तैं यीं बात पर जादा ध्यान रखण प्वाड़लि की चुनौ जितण वला उमेदवार तैं क्वीं कोर्टन चुनौती न दियां। लैक उमेदवार जित्यां, यां का वास्ता भै-भतीजा, क्षेत्रवाद, जात-पात अर यख तक की पार्टीवाद से दूर रैकि लोगु तैं मतदान करण प्वाड़लु, तथर कोर्ट का चक्कर लगौंण प्वाड़ला। हरेक मतदाता तैं या समझदारी दिखौंण प्वाड़लि, जै से ऊंकी पंचैतम बगत पर काम सुरु ह्वे सक्यां अर गौं अगनै बढ़ि सक्यां। तथर तारीख पर तारीख भुगतण खूणि त्यार रैंण प्वाड़लु। किलैकि लोकतंत्र अर संविधान रक्षा करणु हमरि जिमेबरि बि त च।
इल्लै हम अपणि हि अदालत मा योग्य अर अयोग्य उमेदवार कु फैसला करण चैंद। किलैकि यु अधिकार हमतैं संविधान द्यायी अर प्रजातंत्र मा प्रजा हि सबि कुछ च।
