चौमास मा पंचैत चुनौ . . . .
उत्तराखण्डम त्रिस्तरीय पंचैत चुनौ करौंणा वास्ता हाईकोर्टा मंजूरि मिलणा बाद राज्य निवार्चन आयोगा तरफां बिटि चुनौ की तारिखा घोषणा ह्वेग्ये। अब 24 अर 28 जुलै खुणि मतदान, त 31 जुलै खुणि मतगणना होलि। यांका वास्ता राज्य निर्वाचन आयोग न चुनौ का वास्ता दुबरा अधिसूचना जारी कै याली। जैका नुसार नामांकन, मतदान अर मतगणना एक मैना मा पूरि करे जाली।
प्रदेसम चौमास सुरु ह्वेग्ये, अर द्वी मैना तक टकटुकु रालु। चौमास कु यु मैना भारी बरखा अर प्राकृतिक घटनों तैं लेकैकि डरौंणु च, अर सवाल खड़ा करणु च कि क्य चौमास मैना मा चुनौ करणु ठीक च?
उत्तराखण्ड पाड़ि प्रदेस च जख चौमास मा भूस्खलन अर बादल फटणा घटना खूब हूंदन। बस्गालम पाड़म भारी बरखा हूंण से सड़क जगा-जगा टूटि, रौला-खौळा त सैंण तोकम बाढ़ नाला-खाळा गदना ऐयां रैंदन। ऐ मैना भारी बरखा अर सड़कियों कु टुटण से दूर रैंण वला लोग तैं मतदान केन्द्र तक पौंछण दिक्क्त ह्वे सकदि। खास कैकि बुड्-बुड्या अर दिव्यांगु खुणि मतदान करणु कठिण ह्वे सकदु, इन्न मा अगर मतदाना दिन बरखा होलि त क्य होलु, तब क्य जादा से जादा लोगु मतदान कै साकला?
साफ च कि बस्गाल ऐ मैना चुनौ मा लोगु तैं दिक्कत त होलि। अब लोगु तैं त जु बि दिक्कत होलि बल चुनौ करौंण वला लोगु तैं त वां से बि जादा दिक्कत होलि। इन्न मा राज्य निर्वाचन आयोग खुणि बि निष्पक्ष अर शांतिपूर्ण ढंग से चुनौ करणु एक बड़ी चुनौति होलि। किलैकि चुनौ करणा वला अधिकारी, सुरक्षा बल तैं इन्नै-फुन्नै जाणा अर चुनौ तैं करौंण बौत दिक्कत ह्वे सकदन। इन्नि बि चौमास ऐ मैना मा चुनौ करणु बौत कठिण ह्वे सकदु।
पर अब चौमास ऐ मैना मा हूंण वला चुनौ मा लोग कतका भाग लिंदन, यु त अबि भवेष्य पुटगा मा च, पर असमान बिटि खळाखळ हूंणि बरख का ऐ मैना मा चुनौ करौंणु कतै सै नीं च। बस्गाला ये मैना लोगु का वास्ता हि ना बल राज्य निर्वाचन आयोग खुणि बि चुनौ करौंणु एक इमत्यान च अर चौमास मैना मा चुनौ करणु राज्य निवार्चन आयोगा वास्ता कतै असान नीं होलु।
