माँ सरस्वती कु उद्गम स्थल माणा मा 15 मई बटि उर्यें जालु पुष्कर कुम्भ

उत्तराखण्ड मा बदरीनाथ माणा म ऐसु साल पुष्कर कुम्भ होलु। जैमा दक्षिण भारत बटै आचार्य बि आला अर पुष्कर कुम्भ मा शामिल होला। दक्षिण भारतम आचार्यों की परम्परा मा हरेक बारह सालम पुष्कर कुम्भ मन्यें जान्द। पुष्कर कुंभ सरस्वती नदी कु उद्गम स्थल मा मन्यें जालु

भारतीय परम्परम बृहस्पति जब अपणि राशि बदलि करदू त कुंभ उर्यें जान्द। हरेक साल अलग-अलग गदनों मा कुम्भ उर्यें जान्द। हरेक 12 सालु बृहस्पति मिथुन राशि म जान्द त माणा गौं मा सरस्वती अर अलंकनन्दा कु संगम मा पुष्कर कुंभ उर्यें जान्द। दक्षिण भारतम वैष्णव लोग छन, जु भगवान विष्णु तैं मन्दन। इल्लै पुष्कर कुंभ बदरीकाश्रम मा हून्द।

पुष्कर कंुभ ऐसु साल 15 मई बटि सुरु हूंणू च। जैकि त्यारि बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समितिन सुरु कै याली। पुष्कर कुम्भ मा दक्षिण भारता आचार्य माँ सरस्वती से ज्ञान मंगणा खुणि यख औन्दन। दक्षिण भारता आचार्य शंकराचार्य रामानुजाचार्य, माधवाचार्य अर निंबा का आचार्य शंकराचार्य यु सब्यौं यख ज्ञान प्राप्त कायी।

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